फैजाबाद-अयोध्या। बुधवार की शाम सरयू तट पौने दो लाख दीपों से जगमगा उठा। मौका था राज्य सरकार के दीपोत्सव के आयोजन का।

राम की पैड़ी स्थित सात घाटों पर शाम छह बज कर 20 मिनट से आठ बजे के मध्य मिट्टी के दीपक जलाए गए। इस कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने राज्यपाल राम नाईक के साथ दीप जला कर की।

इस मौके के साक्षी केंद्रीय पर्यटन मंत्री डॉ. महेश शर्मा, राज्य मंत्री केजे अल्फांसो के अलावा प्रदेश मंत्रिमंडल के कई सदस्य, सांसद, विधायकों के साथ अयोध्या की आवाम बनी।

लक्ष्मणघाट, वैदेहीघाट, श्रीरामघाट, दशरथघाट, भरतघाट, शत्रुघ्नघाट, मांडवी घाट पर ऊपर से नीचे तक कतार में दीये बिछाए गए थे।

दीपोत्सव के साथ घाटों के पृष्ठभाग में स्थित मंदिर अलग-अलग रंग की आकर्षक रोशनी से चमक उठे। इसके लिए मंदिरों पर विशेष रंग की लाइट लगाई गई थी।

पहले से मौजूद गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड की टीम ने जलते दीयों की तस्वीर ड्रोन कैमरे व कुछ अन्य विशेष कैमरों से खींची। दीये जलाने में ढाई हजार लोगों ने काबिल-ए-तारीफ तत्परता दिखाई।

इसमें अवध विश्वविद्यालय, साकेत महाविद्यालय, राजा मोहन गल्र्स पीजी कॉलेज, परमहंस डिग्री कॉलेज, झुनझुनवाला महाविद्यालय, नंदिनी नगर महाविद्यालय नवाबगंज गोंडा, भभूति प्रसाद महाविद्यालय, एसएसवी इंटर कॉलेज, सपना फांउडेशन, यूथ हॉस्टल, टाइनी टॉट्स पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राएं शामिल रहे।

बना कीर्तिमान, जले एक लाख 87 हजार दीप

अयोध्या में दीपोत्सव में एक साथ एक लाख 71 हजार से अधिक दीप जलते ही रामनगरी का नाम गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकाड्र्स में दर्ज होना था।

इसी तथ्य को ध्यान में रखकर आयोजकों ने पहले एक लाख 71 हजार एवं बाद में दो लाख दीपों को रोशन करने का लक्ष्य तय किया।

हालांकि दो लाख का लक्ष्य नहीं हासिल किया जा सका पर एक लाख 87 हजार दीप रोशन होने के साथ नगरी दीपदान का कीर्तिमान बड़ी आसानी से अपने नाम करने में कामयाब हुई।

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