नई दिल्ली। कांग्रेस और भाजपा के बीच अब उपवास की राजनीति शुरू हुई है। आज कांग्रेस देशभर में एक दिन का अनशन करने वाली है और इस अनशन को और धार देते हुए पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी भी महात्मा गांधी के समाधि स्थल राजघाट पर उपवास पर बैठेंगे। उनके साथ पार्टी के अन्य बड़े नेता भी इस उपवास में शामिल होंगे। वहीं पूरे देश में कांग्रेस कार्यकर्ता अनशन करेंगे। दूसरी तरफ 12 अप्रैल को भाजपा पूरे देश में कांग्रेस के अलोकतांत्रिक रवैए को आधार बनाते हुए प्रदर्शन करने वाली है।

कांग्रेस यह अनशन पूरे देश में कर रही है और इसके चलते सभी जिला मुख्यालयों पर भी कांग्रेस नेता उपवास करेंगे। कांग्रेस ने यह अनशन देश में सांप्रदायिक सौहार्द के बिगड़ते माहौल के अलावा दलितों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों के विरोध में रखा है।

एक पखवाड़े पहले एससी एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद विपक्ष ने इसका ठीकरा सरकार के सिर फोड़ा था। हालांकि सरकार की तरफ से भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से असहमति जताते हुए पुनर्विचार याचिका दायर की गई है लेकिन पिछले चुनावों में भाजपा के साथ बड़ी संख्या में जुड़े दलित समुदाय को अलग करने के प्रयास में जुट गई है। इसी क्रम में कांग्रेस पूरे देश में सोमवार को अनशन करेगी।

कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि यह उपवास सांप्रदायिक सदभाव को संरक्षित करने और जातिगत हिंसा के खिलाफ है। दिल्ली के कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने ट्वीट कर जानकारी दी कि राहुल गांधी ने भी उपवास में शामिल होने की स्वीकृति दी है। राजघाट पर यह कार्यक्रम सुबह 11 से 4 बजे तक आयोजित होगा।

12 अप्रैल को भाजपा का उपवास

गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी का का उपवास भाजपा के उपवास से दो दिन पहले हो रहा है। भाजपा के सभी सांसद पीएम मोदी के निर्देश के बाद 12 अप्रैल को उपवास रखेंगे। दरअसल मोदी संसद नहीं चलने देने के लिए विपक्ष और खासतौर पर कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है। शुक्रवार को बीजेपी संसदीय दल की बैठक में पीएम ने बीजेपी सांसदों से कहा कि वे कांग्रेस की विभेदकारी नीतियों के खिलाफ 12 तारीख को उपवास रखें।

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