तिरुवनंतपुरम। सदी की भीषण बारिश व बाढ़ से जूझ रहे केरल में रविवार को करीब दो हफ्ते बाद बारिश थमने से राहत मिली। इस बीच कोच्चि के इंटरनेशनल एयरपोर्ट को तो 26 अगस्त तक बंद कर दिया गया है, लेकिन वहां का नौसेना का एयरपोर्ट सोमवार से उड़ानें शुरू हुईं। यहां सोमवार सुबह पहला कमर्शियल विमान लैंड हुआ।

इससे कोयंबतुर, बेंगलुरु से राहत सामग्री पहुंचाने में मदद मिलेगी। उधर रेलवे ने कम से कम 18 ट्रेनें रद्द कर दी हैं। बड़े पैमाने पर सड़कें तबाह होने के कारण राज्य परिवहन व निजी बसें भी बंद हैं।

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने बताया कि बाढ़ में घिरे सात लाख से ज्यादा लोगों को राहत कैंपों में भेजा गया है। अब पुनर्वास कार्य तेज किया जाएगा।

8 अगस्त से शुरू हुए बारिश के कहर से 13 और लोगों की मौत हो गई। इससे मृतक संख्या बढ़कर 210 हो गई, जबकि 29 मई से अब तक 400 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। हालांकि रविवार को बारिश थमने से बड़ी राहत मिली और प्रभावित क्षेत्रों से रेड अलर्ट हटा लिया गया। अगले चार दिनों में राज्य में भारी वर्षा की संभावना नहीं है।

रविवार के दिन 22 हजार को निकाला

राज्य के तीन जिलों-इडुक्की, थ्रिशूर व मलाप्पुरम में हालत सबसे ज्यादा खराब है। राज्य के 80 से ज्यादा बांधों के गेट खोलने और भारी बारिश से भयावह बाढ़ के हालात बने। सीएम विजयन ने बताया कि रविवार को 22 हजार लोगों को राहत शिविरों में भेजा गया। राज्य में 1924 के बाद की यह सर्वाधिक विनाशकारी बाढ़ है।

रेलवे ने की राहत सामग्री मुफ्त ले जाने की घोषणा

उधर रेलवे ने देश के सरकारी व निजी संगठनों को राहत सामग्री केरल तक मुफ्त पहुंचाने की व्यवस्था की है। रविवार को मुंबई से तटरक्षक बल का जहाज “संकल्प” राहत सामग्री लेकर केरल रवाना हुआ।

अंजू-सैजू की कैंप में शादी

मलप्पुरम जिले के एमएसपी स्कूल में बनाए गए राहत शिविर में रह रही अंजू व सैजू ने त्रिपुंथारा मंदिर में शादी कर ली। परिजन ने बताया कि हमारा घर तीन चौथाई पानी में डूबा हुआ है। पहले हमने शादी स्थगित करने का सोचा, लेकिन राहत शिविर के लोगों की मदद से विवाह संपन्न करा दिया। ऐसी ही शादियां निलांबुर व थिरुनवाया कैंपों में भी हुईं।

यूएई के अनिवासियों ने भेजे 12.5 करोड़ रुपए

कतर ने केरल के बाढ़ पीड़ितों के लिए 34.89 करोड़ की मदद का एलान किया है। यूएई के अनिवासी भारतीय कारोबारियों ने भी बाढ़ पीड़ितों को 12.50 करोड़ रुपए की सहायता घोषित की है।कर्नाटक के कोडागू से3500 को निकालाकेरल में बाढ़ का असर पड़ोसी कर्नाटक व तमिलनाडु पर भी पड़ा। कर्नाटक के कोडागू से रविवार तक 3500 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। छह लोगों की बाढ़ व भू-स्खलन से मौत हो गई।

कहर : आंकड़ों की जुबानी

-10 दिनों में मौतें : 210

-मई से अब तक मौतें : 400

-विस्थापित : 7,24,649

-राहत शिविर : 5645

-सड़कों-पुलों को नुकसान : 4441 करोड़ रु.

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