जयपुर। राजस्थान की जेलों में कैदियों को मोबाइल की सुविधा आसानी से उपलब्ध है। कैदी होली जैसे मौकों पर अपनी सेल्फियां खींच कर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे थे। जेलों में चल रहे सर्च आॅपरेशन में दो दिन में ही 160 मोबाइल मिल चुके है।

राजस्थान की जेलों में सरकार ने जैमर लगा रखे है, लेकिन 4जी तकनीक के आगे ये जैमर फेल साबित हो रहे है। गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया स्वयं इस बात को विधानसभा में स्वीकार कर चुके है। यही कारण है कि राजस्थान की जेलों में बड़ी संख्या में मोबाइल मिलने की शिकायतें सामने आती है। इसी को देखते हुए अब गृह विभाग की ओर से जेलों में तलाशी अभियान चल रहा है।

इसके तहत तीन से चार घंटों तक जेलों में मोबाइल, सिम, चार्जर आदि की तलाशी की जा रही है। राजस्थान की करीब 100 जेलों में प्रतिदिन यह तलाशी अभियान जारी है। इस अभियान में पिछले दो दिन में पूरे प्रदेश की जेलों से 160 मोबाइल, 30 चार्जर और 250 से अधिक मोबाइल सिम बरामद हो चुकी है।

अधिकारियों का कहना है कि जेलों में जैमर सिस्टम पूरी तरह से खराब है। इस कारण विचाराधीन बंदी, कैदी जेलों में जमकर मोबाइल का प्रयोग कर रहे हैं। अब तक हुए सर्च में सबसे अधिक मोबाइल जयपुर सेंट्रल जेल में मिले हैं। यहां अब तक 58 मोबाइल जेल से बरामद हो चुके हैं। ऐसे ही हालात उदयपुर, भरतपुर, अलवर, बांसवाड़ा और अजमेर की जेलों के भी है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here