Thursday, January 21, 2021
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बम धमाकों के बीच से निकला फुटबॉलर फ्रांस में दिखाएगा हुनर

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दंतेवाड़ा। एक पखवाड़े बाद लंदन विश्वकप फुटबाल स्पर्धा का रोमांच रहेगा। इसी बीच फ्रांस के मैदान में दंतेवाड़ा का आदिवासी युवा भी अपना हुनर दिखाएगा। नक्सल प्रभावित कटेकल्याण ब्लाक के ग्राम मोखपाल निवासी रामाराम सोढ़ी का चयन फ्रांस की स्पोर्टस डेंटविला क्लब के लिए हुआ है। 21 जून को उसका मैच होगा। फिलहाल आदिवासी रामा टूमारोज फाउंडेशन बीजापुर में रहकर पढ़ाई कर रहा है।

बम और बंदूक के धमाकों के आवाज के बीच रहकर रामा ने पढ़ाई के साथ फुटबाल में रूचि दिखाई और आज टूमार्रोज फाउंडेशन उसे फुटबाल खेलने फ्रांस भेज रहा है। मूलत: मोखपाल का रहने वाले रामाराम सोढी बीजापुर में रहता है। वह फ्रांस में अपनी खेल प्रतिभा को दिखाना चाहता है। संस्था के अधीक्षक मिथिलेश राय के मुताबिक रामा सोढी फुटबाल का अच्छा खिलाड़ी है। वर्ष 2016 में संस्था हौसला की ओर से राज्य स्तरीय फूटवॉल टूर्नामेंट अंबिकापुर में लिया भाग लिया।

इसके बाद 2017 में राज्य की टीम से नेशनल स्पर्धा का हिस्सा बनकर दिल्ली में अपनी प्रतिभा दिखाई। रामा सोढ़ी बीजापुर, दंतेवाड़ा के अलावा रायपुर-दिल्ली और कोलकता में भी कई स्पर्धाओं में भाग ले चुका है। अब उसका चयन फ्रांस में खेलने के लिए हुआ है। अधीक्षक राय यह नहीं बता पाए कि फ्रांस में रामा सोढ़ी किस टीम का हिस्सा बनेगा। वहां जाने के बाद बाकि शेड्यूल की जानकारी मिलेगी।

15 को रवानगी, 21 को मैच

अधीक्षक मिथिलेश राय के मुताबिक रामा सोढ़ी 15 जून को फ्लाइट से फ्रांस के लिए रवाना होगा। वहां 21 जून को उसका मैच रखा गया। किस टीम के लिए मैच खेलेगा। यह अभी पता नहीं है। फिलहाल रामा को बीजापुर स्पोर्टस क्लब में प्रशिक्षण मिल रहा है। उन्होंने बताया कि टूमार्रोज संस्था की ओर इससे पहले भी कुछ छात्र फ्रांस में अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं।

बचपन पिता को खोया तो मां भी चली गई

नईदुनिया से चर्चा में रामा सोढ़ी ने बताया कि उसके पिता हिड़मा की मौत काफी पहले बीमारी से हुई। उसे यह ठीक से याद नहीं है लेकिन पिता की मौत के बाद उसकी मां उसे छोड़कर दूसरी शादी कर चली गई। वह गांव में मवेशी चराकर अपने छोटे भाई-बहनों की देखरेख करता था।

तब बीजापुर में रहने वाले चाचा लक्ष्मण उसे अपने साथ ले गया। चाचा ने उसे बीजापुर के टूमार्रोज फाउंडेशन संस्था में दाखिल करा दिया। जहां पढ़ाई के साथ वह फुटबाल भी खेलता था। उसकी खेल देखकर अधीक्षक ने खेल अकादमी में दाखिल कराया। अब वह फुटबाल के क्षेत्र में बड़ा नाम और काम करना चाहता है।

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