Yes Bank hid Rs 6355 Crore NPA

– दूसरी तिमाही के नतीजों के साथ बैंक ने किया इसका एलान।

– बैंक के मुखिया राणा कपूर ने इसे बताया अस्थायी झटका।

मुंबई। निजी क्षेत्र के यस बैंक ने बीते वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान अपने भारी-भरकम फंसे कर्ज (एनपीए) को छिपा लिया था। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की पकड़ में आने के बाद इस एनपीए को दिखाना पड़ा है। यस बैंक ने गुरुवार को चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के लिए वित्तीय नतीजों का एलान किया।

अब आरओ वॉटर से होगा महाकाल का अभिषेक : सुप्रीम कोर्ट

सितंबर में समाप्त तिमाही के दौना बैंक का शुद्ध लाभ 25 फीसद बढ़कर 1,002 करोड़ रुपए हो गया। हालांकि बैंक ने मान लिया है कि उसने बीते वित्त वर्ष में 6,635 करोड़ रुपए के एनपीए पर पर्दा डाल रखा था।

ताजा आंकड़े आने के बाद कुल लोन से यस बैंक के फंसे कर्जों का अनुपात दोगुना से ज्यादा बढ़कर 1.82 फीसद पर पहुंच गया है। आरबीआई के जोखिम आधारित आकलन से यह सच सामने आया था कि पिछले वित्त वर्ष के दौरान बैंक ने अपना फंस कर्ज वास्तविकता 6,335 करोड़ रुपए कम दिखाया था। तब बैंक ने इन संपत्तियों को एनपीए के रूप में वर्गीकृत ही नहीं किया था। यह लगातार तीसरा साल है, जब आरबीआई ने बैंक के एनपीए वर्गीकरण में गड़बड़ी पकड़ी है।

वित्त वर्ष 2015-16 के लिए आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं, क्योंकि उन्हें बताना अनिवार्य नहीं है। हालांकि बीते दो वर्षों के लिए फंसे कर्ज के मामले में गड़बड़ी की यह रकम 11,000 करोड़ रुपए बैठती है।

यस बैंक के एमडी और सीईओ राणा कपूर ने एसेट क्वॉलिटी के मामले में इसे “अस्थायी झटका” करार दिया। उन्होंने कहा कि बैंक ने अब चालू साल की दूसरी तिमाही के आंकड़ों में समूचे एनपीए को उजागर कर दिया है। बीते वित्त वर्ष के एनपीए आंकड़ों में 19 फीसद का अंतर उन्नीस खातों से जुड़ा है। इनमें से ज्यादातर लोक अकाउंट इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र से संबंधित हैं। पिछले छह महीनों में 47 फीसद खातों में फिर से ऋण वापसी शुरू हो गई है।

इस बैंक का प्रॉविजन कवरेज रेशियो लुढ़ककर 43 फीसद पर आ गया है। कपूर ने यह कहकर इसे भी उचित ठहराया है कि कर्ज की वसूली कर पाना संभव है। हालांकि एनपीए के एवज में प्रावधान की जाने वाली राशि में भारी बढ़ोतरी ने यह सवालिया निशान लगा दिया है कि क्या बैंक अपने 0.5-0.7 फीसद के क्रेडिट कॉस्ट गाइडेंस को पूरा कर पाएगा या नहीं।

कपूर के मुताबिक इनसॉल्वेंसी से जुड़े खातों के लिए बैंक का कुल एक्सपोजर 1,434 करोड़ रुपए है। उन्होंने पिछली तिमाही के नतीजों की ओर इशारा करते हुए कहा कि कमाई बढ़ने से बैंक इसके असर को बर्दाश्त करने की स्थिति में है। सितंबर, 2017 को समाप्त तिमाही में बैंक की शुद्ध ब्याज आय 33.5 फीसद बढ़कर 1,885 करोड़ रुपए रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here