नई दिल्ली. 14 जनवरी, बृहस्पतिवार को मकर संक्रांति (Makar Sankranti 2021) का पर्व मनाया जा रहा है. पौष मास में सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने पर मकर संक्रांति (Makar Sankranti) का पर्व मनाया जाता है. हिंदू धर्म में मकर संक्राति का बहुत महत्व है. इस दिन जप, तप, स्नान और दान करने से विशेष लाभ मिलता है. पंडित देवस्य मिश्र से जानिए, मकर संक्रांति के दिन स्नान और दान का शुभ-मुहूर्त, दान की विधि और क्या चीजें दान करनी चाहिए.

मकर संक्रांति स्नान और दान का मुहूर्त

सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के साथ ही एक माह से चल रहे खरमास (Kharmas 2021) समाप्त हो जाएंगे और विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, सगाई जैसे मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे. मकर संक्रांति (Makar Sankranti) पर पवित्र नदी में स्नान और दान का विशेष महत्व है. इस दिन दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है.

मकर संक्रांति 2021 स्नान मुहूर्त (Makar Sankranti 2021 Snan Muhurat)

14 जनवरी, बृहस्पतिवार को सुबह 08 बजकर 30 मिनट पर मकर संक्रांति स्नान का मुहूर्त (Makar Sankranti Snan Muhurat) आरंभ होगा, जो शाम 05 बजकर 46 मिनट पर समाप्त होगा. संक्रांति पुण्य काल की कुल अवधि 09 घंटा 16 मिनट की है. मकर संक्रांति का महा पुण्य काल सुबह 08 बजकर 30 मिनट से 10 बजकर 15 मिनट तक है.

स्नान और दान के लिए महा पुण्य काल सबसे उत्तम समय माना जाता है. ऐसे में आप इस अवधि के दौरान ही स्नान और दान कर लें. हालांकि मकर संक्रांति (Makar Sankranti 2021)  के दिन सुबह 08 बजकर 30 मिनट से लेकर शाम 05 बजकर 46 मिनट की अवधि में कभी भी स्नान और दान किया जा सकता है.

मकर संक्रांति पर गंगा स्नान का महत्व (Makar Sankranti 2021 Ganga Snan Significance)

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मकर संक्रांति (Makar Sankranti) के दिन ही गंगा जी भागीरथ के पीछे चलकर कपिल मुनि के आश्रम से होते हुए सागर में मिल गई थीं. इसीलिए मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व होता है.

मकर संक्रांति पर क्या चीजें करें दान (Makar Sankranti 2021 Daan)

मकर संक्रांति (Makar Sankranti) के दिन दान का विशेष महत्व है. इस दिन पुण्य काल में स्नान के बाद सूर्य उपासना, जप, अनुष्ठान, दान-दक्षिणा दी जाती है. इस दिन गुड़, काले तिल, खिचड़ी, कंबल और लकड़ी का दान देना चाहिए.

मकर संक्रांति की दान विधि (Makar Sankranti 2021 Daan Vidhi)

1. मकर संक्रांति के दिन पवित्र नदी में स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें.

2. अगर आप जनेऊ धारण करते हैं तो उसे बदल लें.

3. इसके बाद पूरब दिशा की ओर मुंह कर हाथ में जल और अक्षत लेकर दान का संकल्प लें.

4. फिर किसी योग्य ब्राह्मण या जरूरतमंद व्यक्ति को चीजें दान करें.

5. ध्यान देने योग्य बात यह है कि दान अपने हाथ से ही करें. स्वयं किया दान उत्तम होता है.

6. दान करते हुए कभी क्रोध न करें और किसी कुपात्र को दान न दें. ऐसा करने से फल की प्राप्ति नहीं होती है.

अप्रैल से आरंभ होंगे मांगलिक कार्य

खरमास (Kharmas 2021) के समाप्त होने के बाद विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, सगाई जैसे मांगलिक कार्य शुरू हो जाते हैं, लेकिन इस साल गुरु और शुक्र के अस्त होने के कारण मांगलिक कार्य अब अप्रैल माह से आरंभ होंगे.

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