मुंबई |  पद्मावती को ले कर मच रहा बवाल के बीच फिल्म की निर्माता कंपनी ने रिलीज टाल दी है।  कंपनी के ओनर ने  एक इंटरव्यू  मे कहा हालांकि फिल्म कब रिलीज होगी इसकी नई तारीक अभी तक नहीं आई है|  इस इंटरव्यू मे कहा  गया की वो अपनी स्वयं की मर्ज़ी से रिलीज़ डेट बदल रहा है सभी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद नई तारीख  तय होगी।  पहले यह फिल्म एक दिसंबर को रिलीज होने वाली थी। मगर चारो तरफ विरोध के बाद फिल्म के निर्माताओं ने  इसे टालने का फैसला किया है। अब यह फिल्म गुजरात चुनाब के बाद ही सिनेमाघरों मै देखीयी जाएगी|  इस खबर ने  सभी को चारो और से रहता दी है |  सेंसर बोर्ड(Censor Board) से लेकर केंद्र सरकार और फिल्म के विरोध में उतरे सभी गुट इसे  अपनी जीत के तौर पर देख सकते हैं। वायकॉम 18 और भंसाली की टीमें 24 घंटे पहले अपने फैसला पे टिके थे की रिलीज़  डेट नहीं बदलेगी|  दूसरी तरफ सेंसर बोर्ड की तरफ से लगभग साफ हो गया था कि बोर्ड इस फिल्म को पास करने  के  लिए कोई मेहरबानी देने के मूड में नहीं है।  कुछ समय पहले ही केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त सेंसर बोर्ड अध्यक्ष प्रसून जोशी के  तीखे तेवरों से पता चल गया था कि निजी स्क्रीनिंग करने को वे हल्के में नहीं ले रहे। उनकी नाराजगी ने ही यह तय कर दिया था कि सेंसर बोर्ड इस फिल्म को एक दिसंबर को रिलीज नहीं होने देगा। यह भी लगभग माना जा रहा था कि सेंसर  बोर्ड और केंद्र सरकार इस मामले पर एक हो कर काम कर रही थी । सरकार ने  वायकॉम 18 को भी संयम बरतने को  कहा थ|

तेवरों से  पता  चल गया था   कि  निजी  स्क्रीनिंग करने को वे हल्के में नहीं ले रहे। उनकी नाराजगी ने ही यह तय कर दिया था कि सेंसर बोर्ड इस फिल्म को एक दिसंबर को रिलीज नहीं होने देगा। यह भी  लगभग  माना  जा  रहा  था  कि  सेंसर  बोर्ड  और  केंद्र  सरकार  इस  मामले  पर  एक हो कर  काम  कर  रही  थी । सरकार  ने  वायकॉम  18 को  भी संयम  बरतने  को  कहा  था ।  यह भी साफ हो चला था कि जिस तरह से भंसाली और दीपिका को धमकियां देने वालों के प्रति सरकारी मशीनरी नरमी बरत रही थी, उसने भंसाली को घेरने की रणनीति को सफल बना दिया। भंसाली के नाम पर राजपूत वोटों के ध्रुवीकरण को गुजरात विधानसभा चुनाव और आने वाले यूपी के स्थानीय निकाय चुनाव के लिए इस्तेमाल करने का प्लेटफार्म भी तैयार हो  गया है |
इस बात की संभावना सबसे ज्यादा है कि इस फिल्म को लेकर एक कमेटी का ऐलान हो, जिसमें इतिहासकारों और राजस्थान के शिक्षाविदों के नाम हों। यह कमेटी कुछ बदलाव की सिफारिश करे और इसके बाद फिल्म को सेंसर बोर्ड से हरी झंडी मिल जाए। फिल्म को लेकर केवल राजस्थान में भी विरोध के सुर तेज नहीं हुए थे। मगर उत्तरप्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी इस फिल्म को लेकर खुलकर आपत्ति जताई थी। मौर्य ने रविवार को लखनऊ में कहा कि आपत्तिजनक सीन काटे बगैर इसे यूपी में जारी नहीं होने दिया जाएगा। उनसे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था का हवाला देकर फिल्म जारी नहीं करने की मांग की  थी । पद्मावती पर जारी विवादों के बीच फतवा ऑन मोबाइल सर्विस के चेयरमैन मौलाना अरशद फारुखी ने कहा कि किसी की भावना को आहत करने वाली फिल्मों पर रोक लगनी चाहिए।
सेंसर  बोर्ड  को  भारतीय  संस्कृति  में  नफरत  फैलाने  वाली  फिल्मों  को  अनुमति  नहीं  देनी  चाहिए । जिन  फिल्मों  से  हंगामे  का  खतरा  हो, उन पर अदालत को भी दखल देना चाहिए।

यह भी साफ हो चला था कि जिस तरह से भंसाली और दीपिका को धमकियां देने वालों के प्रति सरकारी मशीनरी नरमी बरत रही थी, उसने भंसाली को घेरने की रणनीति को सफल बना दिया। भंसाली के नाम पर राजपूत वोटों के ध्रुवीकरण को गुजरात विधानसभा चुनाव और आने वाले यूपी के स्थानीय निकाय चुनाव के लिए इस्तेमाल करने का प्लेटफार्म भी तैयार हो  गया है |

इस बात की संभावना सबसे ज्यादा है कि इस फिल्म को लेकर एक कमेटी का ऐलान हो, जिसमें इतिहासकारों और राजस्थान के शिक्षाविदों के नाम हों। यह कमेटी कुछ बदलाव की सिफारिश करे और इसके बाद फिल्म को सेंसर बोर्ड से हरी झंडी मिल जाए। फिल्म को लेकर केवल राजस्थान में भी विरोध के सुर तेज नहीं हुए थे। मगर उत्तरप्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी इस फिल्म को लेकर खुलकर आपत्ति जताई थी। मौर्य ने रविवार को लखनऊ में कहा कि आपत्तिजनक सीन काटे बगैर इसे यूपी में जारी नहीं होने दिया जाएगा। उनसे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था का हवाला देकर फिल्म जारी नहीं करने की मांग की  थी । पद्मावती पर जारी विवादों के बीच फतवा ऑन मोबाइल सर्विस के चेयरमैन मौलाना अरशद फारुखी ने कहा कि किसी की भावना को आहत करने वाली फिल्मों पर रोक लगनी चाहिए।
सेंसर  बोर्ड  को  भारतीय  संस्कृति  में  नफरत  फैलाने  वाली  फिल्मों  को  अनुमति  नहीं  देनी  चाहिए । जिन  फिल्मों  से  हंगामे  का  खतरा  हो, उन पर अदालत को भी दखल देना चाहिए।

 

Tag’s:  Padmavati , Censor Board , Sanjay Leela Bhansali , movie Relesase , Gujarat election

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