मामले में मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु क्राइम ब्रांच- CID पुलिस को जांच का आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा कि जांच एसपी रैंक के अधिकारी द्वारा की जाए और छह महीने के भीतर पूरी होनी चाहिए.

 हाई कोर्ट ने दिए जांच के आदेश

सीबीआई का क्या कहना है? 

वहीं, इस मसले पर सीबीआई ने दावा किया है कि उसने उसने चेन्नई प्रमुख विशेष अदालत को लॉकर और वॉल्ट्स की 72 चाबियां सौंप दी थीं. CBI के मुताबिक, जब छापेमारी हुई थी तब सोने का वजन एक साथ किया गया था, लेकिन SBI और सुराना कॉर्पोरेशन के बीच कर्ज मामले में समझौते के बाद सोने का वजन फिर से अलग-अलग किया गया, जो 103 किलो सोने का न मिलने या गड़बड़ी का कारण हो सकता है. इस मामले में शनिवार को सीबीआई ने एक बयान भी जारी किया है. साथ ही कहा है कि यदि इसमें हमारे किसी कर्मचारी की भूमिका पाई जाएगी तो सख्त एक्शन लिया जाएगा. फिलहाल, सीबीआई की आंतरिक जांच जारी है.

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