शिलांग। मेघालय में मतगणना जारी है। शुरुआती रूझानों में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन सत्ता से दूर है। 59 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस अभी 21 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं भाजपा 5 और एनपीपी 13 सीटों पर आगे है। भाजपा और एनपीपी साथ मिलकर सरकार बना सकते हैं।

2013 के विधानसभा चुनाव में मेघालय में कांग्रेस ने 29 पर जीत दर्ज की थी, तो वहीं यूडीपी ने 8, निर्दलीय ने 13, एनसीपी ने 2 और अन्य ने 8 सीटें जीती थीं।

बहरहाल, 27 फरवरी को हुए यहां मतदान हुआ था। शुरू से माना जा रहा था कि इस राज्य में कांग्रेस के सामने अपना गढ़ बचाने की चुनौती होगी। राज्य में पहले से ही कांग्रेस की सरकार है और इस बार वो हैट्रिक मारना चाहेगी। वहीं एग्जिट पोल के अनुसार राज्य में भाजपा, कांग्रेस को कड़ी टक्कर दे सकती है। मतगणना के शुरुआती रुझानों में कांग्रेस को बढ़त मिलती दिख रही है।

मेघालय में यदि एक्जिट पोल की बात करें तो न्यूज एक्स के मुताबिक नेशनल पीपुल पार्टी को 23-27 सीटें, भाजपा को 8-12 सीटें और कांग्रेस को 13 से 17 सीटें मिलने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है। वहीं सी वोटर के अनुसार कांग्रेस को 13-19, एनपीपी को 17-23 और भाजपा को 4-8 सीटें मिल सकती हैं।

मेघालय में कांग्रेस अपना किला बचाने की जुगत में है। पार्टी की वहां सरकार है। अगर मेघालय में हार गई तो पूरे देश में संदेश जाएगा कि एक और राज्य से पार्टी समाप्त हो गई और भाजपा कांग्रेस मुक्त भारत के अपने नारे को और मजबूती से पेश करेगी। ऐसे में 2019 से पहले अपनी संभावनाओं को खुला रखने के लिए कांग्रेस पर इस राज्य में बेहतर प्रदर्शन करने का दबाव है। कांग्रेस को यहां बागी गुट के अलावा तमाम छोटे-छोटे दलों से चुनौती मिल रही है, जिनके साथ भाजपा चुनाव बाद सरकार बनाने की जुगत में है।

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