रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले बीजापुर के तुमला ने फोर्स की बस को ब्लास्ट से उड़ाने की घटना के बाद पुलिस के सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के दावों की पोल खुल गई है। दो जवानों के शहीद होने के मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय ने मुख्य सचिव अजय सिंह, डीजीपी एएन उपाध्याय और डीजी एंटी नक्सल आपरेशन डीएम अवस्थी से रिपोर्ट तलब की है।

इस बीच, पुराने पीएचक्यू में आईबी के डायरेक्टर, सीआपीएफ आईजी और नक्सल आपरेशन से जुड़े आला अधिकारियों ने सोमवार शाम को एक बैठक की, जिसमें पुलिस बस को उड़ाने की समीक्षा की गई। एसआईबी एसपी डी रविशंकर ने बताया कि बैठक में ब्लास्ट से जुड़े सभी पहलुओं पर चर्चा की गई। एसआईबी ने बीजापुर में नक्सलियों के मूवमेंट को लेकर अलर्ट जारी किया था। सोमवार को एक बार फिर पुलिस मूवमेंट को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

पुलिस मुख्यालय के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि ब्लास्ट के बाद डीजी नक्सल ऑपरेशन डीएम अवस्थी और आईजी बस्तर विवेकानंद जांगला पहुंच गए हैं। नक्सलियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सभास्थल से महज 400 मीटर की दूरी पर सीरियल ब्लास्ट करके फोर्स को बड़ी चुनौती दी है।

आला अधिकारियों की मीटिंग में यह सवाल उठा कि जब बस्तर में 12 आईएएस और 22 आईपीएस को तैनात किया गया है, तो इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई। जांगला के आसपास के इलाकों में चार हजार से ज्यादा डीआरजी के जवानों को उतारा गया है। खुफिया अलर्ट के बाद भी जवानों को नक्सलियों के मूवमेंट की जानकारी नहीं मिलने को काफी चिंताजनक माना गया है।

मुख्यमंत्री ने मंगाई रिपोर्ट

नक्सली ब्लास्ट के बाद मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने पुलिस के आला अधिकारियों से रिपोर्ट मंगाई है। मुख्यमंत्री निवास पर गृह सचिव, डीजीपी और एडीजी इंटेलिजेंस को देर शाम तलब किया और पूरे मामले की रिपोर्ट ली। सीएम सचिवालय के आला अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि प्रधानमंत्री के दौरे में किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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