आजकल बायोपिक फिल्मों का दौर कुछ ऐसा चल पड़ा है कि देश के लगभग हर लोकप्रिय शख्स की जिंदगी पर आधारित फिल्में बनाई जा रही हैं. अब इसी क्रम में अगला नंबर है महाराष्ट्र के सबसे चहेते चर्चित लीडर बाला साहेब ठाकरे का. बाला साहेब ठाकरे, जिनका असली नाम बाल ठाकरे था, मुंबई में एक बहुत बड़ी हस्ती थे. उन पर आधारित इस बायोपिक में नवाजुद्दीन सिद्दीकी बाला साहेब की भूमिका में नजर आ रहे हैं. इस फिल्म का पहला टीजर 21 दिसंबर को रिलीज किया गया.

पहले कहा जा रहा था कि नवाज और बाला साहेब के लुक्स काफी अलग हैं. साथ ही कयास लगाए जा रहे थे कि नवाज ने किसी वजह से यह फिल्म छोड़ दी थी. लेकिन अब टीजर की रिलीज में नवाज को देखकर यह यकीन कर पाना ही मुश्किल है कि वो बाला साहेब नहीं हैं. जाहिर सी बात है, उनके रूप को बदलने के लिए प्रोस्थेटिक का प्रयोग किया गया है.

फिल्म का पहला टीजर वाकई जानदार है. इसकी शुरुआत एक झोपड़ी से होती है जहां एक बच्चा बैठा रो रहा है. उस बच्चे के पास एक पेट्रोल बम आकर गिरता है. बच्चे का रोना बढ़ता जाता है और अचनाक, बूम!

इस फिल्म की स्क्रिप्ट राज्यसभा सदस्य और शिव सेना के प्रवक्ता संजय राउत ने लिखी है. उन्होंने कहा कि वो इस प्रोजेक्ट पर पिछले चार सालों से काम कर रहे हैं. वो रिचर्ड एटनबरो की फिल्म ‘गांधी’ और जस्टिन चैडविक की फिल्म ‘मंडेला: लॉन्ग वॉक टू फ्रीडम’ ने बहुत अधिक प्रभावित थे.

उनका कहना है कि उन्होंने ‘बालासाहेब’ के साथ बहुत समय बिताया है और उनकी जिंदगी में ऐसा बहुत कुछ है जो बड़े पर्दे पर दिखाया जाना चाहिए.

जब राउत से पूछा गया कि क्या वो इस फिल्म को डाक्यूमेंट्री के रूप में बनाना चाहते थे, उनका कहना था कि बाल ठाकरे लोगों के नेता थे. इसीलिए उनकी कहानी को एक फीचर फिल्म के रूप में ही पेश किए जाना चाहिए.

वैसे इस फिल्म से नवाजुद्दीन का जुड़ना इसे एक बड़ी ऑडियंस के बीच ले जाने के लिए काफी होगा. नवाजुद्दीन के लिए भी यह एक अच्छा मौका होगा बायोग्राफी के बाद खराब हुई अपनी इमेज को सुधारने का. वैसे 15 दिसंबर को नवाजुद्दीन की एक पुरानी फिल्म ‘मानसून शूटआउट’ आखिरकार रिलीज हो रही है. इस फिल्म को हिंसा और गालियों के चलते सेंसर बोर्ड से साल 2013 से रिलीज के लिए लटकाए रखा था.

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