जम्मू। श्रीनगर में जहां एक तरफ स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां जोर पकड़ रही हैं वहीं आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन द्वारा लगाए गए पोस्टर्स ने सुरक्षा एजेंसियों को चौकन्ना कर दिया है। घाटी के कई जगहों पर लगाए गए इन पोस्टर्स में यह साफ़ लिखा है कि लोग अपने बच्चों को स्वतंत्रता दिवस के किसी भी कार्यक्रम में शरीक न होने दें।

हिजबुल मुजाहिदीन के डिस्ट्रिक्ट कमांडर अबू इरफान के हस्ताक्षर वाले इस पोस्टर में अभिभावकों को कहा गया है कि वह अपने बच्चों को स्वतंत्रता दिवस समारोह से दूर रखे। उन्होंने पोस्टर में लिखा है कि हम उस देश के किसी भी समारोह में हिस्स न लें जिन्होंने हमें 70 सालों से दबाव तले रखा हुआ है।

आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन द्वारा लगाए गए इस पोस्टर के बाद यह कयास लगाया जा रहा है कि आतंकी स्वतंत्रता दिवस पर किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की साजिश रच रहे हैं। हालांकि जम्मू कश्मीर के डीजीपी एसपी वैद्य ने कहा कि, ”स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। मुझे यकीन है कि लोग बिना किसी भय के 15 अगस्त के कार्यक्रम में भाग लेंगे।”

राज्य की शीतकालीन राजधानी जम्मू में स्वतंत्रता दिवस की फुल ड्रेस रिहर्सल में देशभक्ति का जुनून देखने को मिला। रविवार देर रात को हुई मूसलाधार बारिश और सोमवार सुबह रुक रुक कर हो रही बूंदाबांदी के बीच शहर के मिनी स्टेडियम परेड में स्वतंत्रता दिवस समारोह की फुल ड्रेस रिहर्सल का आयोजन हुआ जिसमें पानी से भरे मैदान और कीचड़ से सने ट्रैक पर पुलिस, बीएसएफ, सीआरपीएफ के जवानों, एनसीसी कैडेट्स के साथ स्कूली बच्चों ने कदमताल की।

आत्मघाती हमले की आशंका के चलते वादी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम-

स्वतंत्रता दिवस पर किसी बड़े आत्मघाती हमले की आशंका के बीच पूरी वादी में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। विभिन्न इलाकों में सुरक्षाबलों की गश्त बढ़ाने और अस्थायी चौकियां स्थापित करने के अलावा सुरक्षाबलों ने रविवार को बटमालू मुठभेड़ में बच निकले आतंकियों को पकड़ने के लिए घेराबंदी कर तलाशी अभियान (कासो) भी चलाया।

राज्य पुलिस महानिदेशक डॉ. एसपी वैद ने कहा कि शांत, सुरक्षित और विश्वासपूर्ण माहौल में लोग स्वतंत्रता दिवस मनाएं, इसके लिए सभी प्रबंध किए गए हैं। खुफिया एजेंसियों ने अपने तंत्र से पता लगाया है कि सीमा पार बैठे आतंकी सरगना कश्मीर में सक्रिय अपने कैडर पर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने का दबाव बना रहे हैं।

लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल-मुजाहिदीन ने स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान किसी बड़े हमले को अंजाम देने के लिए आत्मघाती दस्ते बनाए हैं। दो आत्मघाती दस्ते कथित तौर पर दाखिल होने में कामयाब रहे, लेकिन वह अपने मंसूबे को अंजाम दे पाते इससे पूर्व सुरक्षाबलों ने गत रविवार को उनके ठिकाने पर दबिश देकर उनके इरादों पर पानी फेर दिया। पिछले दिनों बटमालू में हुई मुठभेड़ के दौरान पकड़े गए दो आतंकियों ने भी इसकी पुष्टि की है।

ये इलाके हैं संवेदनशील घोषित-

सूत्रों ने बताया कि वादी में सभी सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है। संवेदनशील इलाकों में सेना, पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों की गश्त बढ़ा दी गई है। श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर श्रीनगर से काजीगुंड सेक्शन के अलावा श्रीनगर-बारामुला राजमार्ग पर पंथाचौक-हैदरपोरा-बेमिना-एचएमटी बाईपास को आतंकी हमले की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील घोषित किया गया है। इन इलाकों में आतंकी सुरक्षाबलों के काफिलों पर हमले के लिए हिट एंड रन का तरीका अपनाने के अलावा आइईडी से धमाका कर सकते हैं।

खंगाला जा रहा है होटलों को-

श्रीनगर में सभी होटलों और हाउसबोटों को खंगाला जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग और श्रीनगर शहर में आने जाने के रास्तों पर विशेष नाके लगाए गए हैं। श्रीनगर में नागरिक सचिवालय और शेरे कश्मीर स्टेडियम सहित सभी महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सभी ऊंची इमारतों पर शार्पशूटर तैनात करते हुए विभिन्न जगहों पर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सीआरपीएफ व राज्य पुलिस के संयुक्त दस्तों को तैनात किया गया है। श्रीनगर के दरेशकदल, वटलकदल, बरथना परिपोरा और सौरा में हमजा कॉलोनी व इलाही बाग में घेराबंदी करते हुए तलाशी ली गई।

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