मल्टीमीडिया डेस्क। विराट कोहली के नेतृत्व वाली भारतीय टीम बर्मिंघम में पहला टेस्ट मैच जीतने में नाकामयाब रही। 194 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की दूसरी पारी 54.2 ओवरों में 162 रनों पर सिमट गई। इस तरह बर्मिंघम में भारत के कोई टेस्ट नहीं जीतने का 51 साल पुराना रिकॉर्ड कायम रहा।

भारत बर्मिंघम के इस मैदान पर 1967 से टेस्ट मैच खेल रहा है और यहां उसे तीन टेस्ट मैचों में पारी के अंतर से हार का सामना करना पड़ा था। भारत बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान में अब तक कुल 7 टेस्ट मैच खेल चुका है जिनमें से 6 में उसे हार मिली जबकि 1 मैच ड्रॉ रहा। भारत पिछले 15 सालों में 100 से ज्यादा का लक्ष्य हासिल नहीं कर पाया है। पिछली बार उसने यह 2003 में एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ किया था जब राहुल द्रविड़ और अजीत आगरकर ने टीम को जीत दिलाई थी।

इस बार बर्मिंघम टेस्ट में कप्तान जो रूट (80) और जॉनी बेयरस्टो (70) के अर्द्धशतकों से इंग्लैंड ने पहली पारी में 287 रन बनाए। रविचंद्रन अश्विन ने दमदार गेंदबाजी कर 62 रनों पर 4 विकेट झटके। ईशात को 3 और मोहम्मद शमी को 2 विकेट मिले। इसके जवाब में विराट द्वारा इंग्लैंड में लगाए गए पहले टे्स्ट शतक के बावजूद भारत पहली पारी में बढ़त नहीं बना पाया। विराट के 22वें शतक (149) की मदद से भारत ने पहली पारी में 274 रन बनाए। पहली पारी में 13 रनों की बढ़त लेने के बाद इंग्लैंड की दूसरी पारी 180 पर सिमटी। ईशांत ने 5 विकेट झटके। भारत को 194 रनों का टारगेट मिला जिसके जवाब में वह विराट कोहली की फिफ्टी (51) के बावजूद उसकी पारी 162 पर सिमट गई।

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