राज्‍यसभा में विपक्ष के हंगामे के कारण सचिन तेंडुलकर के न बोल पाने को लेकर प्रतिक्रियाओं का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। आंध्रप्रदेश से कांग्रेस की राज्‍यसभा सदस्‍य और वरिष्‍ठ नेता रेणुका चौधरी के बयान ने इसे और हवा दे दी है। उन्‍होंने पूछा कि भारत रत्‍न मिलने से क्‍या आपको (सचिन तेंडुलकर) बोलने का लाइसेंस मिल गया है? सचिन राज्‍यसभा की सदस्‍यता लेने के बाद गुरुवार को पहली बार खेल से जुड़े मुद्दे पर ही बोलने जा रहे थे, लेकिन विपक्ष की हंगामे के कारण संसद में उनके बोलने का खाता नहीं खुल सका था। सचिन को कांग्रेस ने ही राज्‍यसभा में लाया है। वह गुरुवार को खेल का अधिकार मुद्दे पर अपना विचार रखने के लिए उठे थे।

ऊपरी सदन में सरकार पर हमलावर विपक्षी सदस्‍य हंगामा करने लगे थे। इस बीच, कांग्रेस सदस्‍य रेणुका चौधरी यह कहते हुए सुनी गईं कि भारत रत्‍न मिलने से क्‍या संसद में बोलने का लाइसेंस मिल जाता है। राज्‍यसभा के सभापति वेंकैया नायडू के बार-बार आग्रह करने पर भी विपक्ष शांत होने तैयार नहीं था, लिहाजा राज्‍यसभा को स्‍थगित करना पड़ा था। ऐसे में सचिन को बोलने का मौका ही नहीं मिल पाया था। विपक्ष के इस रवैये की काफी आलोचना होने लगी। सपा सांसद जया बच्‍चन ने कांग्रेस को खरी-खोटी सुनाई। उन्‍होंने कहा, ‘सचिन तेंडुलकर ने भारत के लिए वैश्विक स्‍तर पर ख्‍याति अर्जित की है। यह बड़े ही शर्म की बात है कि उन्‍हें बोलने का मौका नहीं दिया गया। क्‍या सिर्फ राजनीतिज्ञों को ही बोलने की अनुमति है?’

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी ट्वीट कर विपक्ष के रवैये की आलोचना की। उन्‍होंने लिखा, ‘राज्‍यसभा कार्यवाही के इतिहास में यह दुखद दिन है। भारत रत्‍न से सम्‍मानित और महान क्रिकेटर सचिन तेंडुलकर को एक गैरराजनीतिक मसले पर उसी पार्टी ने अपनी राय रखने का मौका नहीं दिया जिसने उन्‍हें राज्‍यसभा में लाया।’ सचिन तेंडुलकर पहली बार संसद में बोलने जा रहे थे, लेकिन अपना विचार रख नहीं सके।

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