झाबुआ/भोपाल (नईदुनिया प्रतिनिधि)। मध्य प्रदेश में कौओं के बाद अब प्रसिद्ध मुर्गा प्रजाति कड़कनाथ में भी बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। बीते दिनों प्रदेश के आदिवासी जिले झाबुआ के रूंडीपाड़ा स्थित निजी केंद्र से लिया गया कड़कनाथ मुर्गी का सैंपल मंगलवार को पॉजिटिव आ गया। बीते पांच दिनों में यहां करीब 2500 कड़कनाथ मुर्गे, मुर्गी और चूजों की मौत हुई है। इनमें मंगलवार को मरे 250 कड़कनाथ भी शामिल हैं। इसके अलावा अमले ने 300 से अधिक कड़कनाथ को मारकर जमीन में गाड़ दिया। एक किमी क्षेत्र में अब यह कवायद चलेगी और अंडे भी नष्ट किए जाएंगे। पशुपालन विभाग ने प्रदेश भर में पोल्ट्री फार्म संचालकों को अलर्ट कर दिया है।

संचालक पशुपालन डॉ. आरके रोकड़े ने बताया कि प्रदेश में पहली बार कड़कनाथ मुर्गी में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। पुष्टि के बाद एक किमी दायरे में आने वाले पोल्ट्री फार्म और घरों में पाले जा रहे मुर्गे-मुर्गियों को मार दिया गया है। पशुपालन विभाग के अफसरों ने बताया कि दूसरे राज्यों में मुर्गियों में एच5एन1 वायरस ही मिल रहा है। अब सबसे बड़ी चुनौती पोल्ट्री फार्मों तक संक्रमण पहुंचने से रोकना है।

रांची से मिले थे आर्डर

झाबुआ जिले के जिस रूंडीपाड़ा स्थित निजी केंद्र के कड़कनाथ में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है, उसी केंद्र को भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने दो हजार कड़कनाथ चूजे रांची भेजने का आर्डर दिया था। अब बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद ये चूजे धौनी को नहीं भेजे जा सकेंगे।

अब तक 1500 कौआ मरे

मध्य प्रदेश के 42 जिलों में अब तक 1500 कौआ मर चुके हैं। इनमें 18 जिलों में कौओं में इस बीमारी की पुष्टि हो चुकी है। झाबुआ में मुर्गी में यह बीमारी मिली है। पांच जिलों की रिपोर्ट निगेटिव आ गई है। बाकी जिलों की रिपोर्ट आनी है। भोपाल में भी मंगलवार को एक कबूतर और एक उल्लू मरा मिला है, जिन्हें दफना दिया गया है।

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