Bastar division to join High-speed internet in three months

 

संजीत कुमार, रायपुर। लाल आतंक और पिछड़ेपन के लिए बदनाम बस्तर संभाग की तस्वीर धीरे धीरे ही सही, अब बदलने लगी है। अगले तीन महीने यानी कि दिसंबर 2017 तक इस संभाग का हर जिला हाई स्पीड इंटरनेट सेवा से जुड़ जाएगा। इसके लिए पूरे संभाग में 836 किमी ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) का जाल बिछाया जा रहा है।

पंचायतों से जुड़ जाएंगे ब्लाॅक

इलेेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अनुसार आप्लिटकल फाइबर केबल, दोहरा बिछाया जा रहा है। इससे एक केबल कट भी जाए या खराब हो तो भी नेट सेवा निर्बाध रहेगी। काम अंतिम चरण में है और इस साल के अंत में इसे पूरा कर लिए जाने की उम्मीद है। इसके बाद केंद्र सरकार की योजना भारत नेट के तहत ब्लॉक को पंचायतों से जोड़ दिया जाएगा।

खड़े हो गए 104 मोबाइल टॉवर

संभाग में मोबाइल कनेक्टीविटी बढ़ाने का जतन किया जा रहा है। स्पेशल डीजी डीएम अवस्थी के अनुसार संभाग में अभी तक 104 मोबाइल टॉवर चालू हो गए हैं। अगले कुछ समय में पांच और चालू कर दिए जाएंगे। इससे बस्तर में मोबाइल नेटवर्क भी बढ़ेगा। इनमें से अकिांश बीएसएनएल के हैं। अफसरों के अनुसार संभाग में कुल 146 टॉवर खड़े किए जाने हैं। साथ ही निजी मोबाइल ऑपरेटरों को भी टॉवर लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

ऐसे बदलेगी तस्वीर

स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार : संजीवनी 108 व टेली मेडिसिन-102 जैसी सुविाओं का संचालन और भी प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा।

किसानों को मदद: इस योजना से बस्तर के किसानों को आईटी क्षेत्र के लाभ मिलेगें। कृषि उत्पादन, मृदा संबंधी विवरण और बिक्री मूल्य का तुलनात्मक अध्ययन कर किसान अपने उत्पादों का श्रेष्ठ मूल्य प्राप्त कर सकेंगे।

संचारक्रांति: इस कनेक्टीविटी से क्षेत्र के दूरसंचार घनत्व में वृद्धि होगी। नेटवर्क के विस्तार से दूरसंचार ऑपरेटर्स वाइस व डेटा सेवाओं को प्रदान करेंगे, जिससे क्षेत्र के उद्यम को बढ़ावा मिलेगा।

शिक्षा के लिए फायदेमंद: दंतेवाड़ा एजुकेशन सिटी और लाईवलीहुड कॉलेज को तीव्र गति की मोबाईल-इंटरनेट कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे बस्तर के युवाओं को मेट्रो सिटी के छात्र-छात्राओं की तरह राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिर्स्पा के लिए समान अवसर मिलेगा।

सरकारी सेवा में पारदर्शिता : सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता, जिम्मेदारी और त्वरित बदलाव आएगा। लोक सेवा केंद्र के अंतर्गत प्रदान की जा रही सेवाओं के अलावा दूसरे ई-शासन योजनाओं का संचालन आसान हो जाएगा।

सीे मंत्रालय से जुड़ेंगी पंचायतें: वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए पहले जिला मुख्यालय फिर तहसील और बाद में ग्राम पंचायतें सीे मंत्रालय से जुड़ जाएंगी। इससे योजनाओं की मॉनिटरिंग और क्रियान्वयन आसान होगा।

इस तरह बिछा केबल

0 जगदलपुर- गीदम- कोंडगांव- नरायणपुर- भोपालपट्टनम (405 किमी)

0 जगदलपुर- सुकमा- दोरनापाल- कोंटा- दंतेवाड़ा- गीदम- बीजापुर- भोपालपट्टनम (431 किमी)

इनका कहना है

बस्तर नेट और भारत नेट के जरिए बस्तर संभाग में दूरसंचार के विस्तार की सार्थक कोशिश चल रही है। बस्तर नेट के तहत जिलों को ब्लॉक से जोड़ा जा रहा है। इसमें अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह काम इस साल के अंत तक पूरा हो जाएगा। वहीं भारत नेट में ब्लॉक को पंचायतों से जोड़ने की कवायद भी 2019 में पूरी हो जाएगी। पूरे बस्तर संभाग में मोबाइल टॉवर खड़े किए जा रहे हैं।

-संजय शुक्ला, सचिव, इलेेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग

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