भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। भोपाल मादक पदार्थ तस्करी का सुरक्षित ठिकाना बनता जा रहा है। यहां पर पहले नक्सल क्षेत्र आंध्र और ओडिशा से मादक पदार्थ खेप सीधी रेल से आकर स्टेशन या उसके आसपास उतरती थी। यह सिलसिला करीब आठ साल से चल रहा था। उसे क्राइम ब्रांच ने ध्वस्त कर दिया है। उसके बाद अब आंध्र और ओडिशा के तस्कर छिंदवाड़ा, बैतूल और रायसेन में गांजा भेज रहे है। भोपाल के रास्ते पूरे प्रदेश में गांजा की तस्करी की जा रही है।

हम बता दें कि पिछले साल पुलिस ने 154 किग्रा अलग-अलग तरीके से पुलिस और क्राइम ब्रांच ने गांजा बरामद किया था। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने जहां से गांजा सबसे अधिक आता था, उसे ट्रेक किया। गांजा तस्करी ट्रेन से हो रही थी। आंध्रप्रदेश और ओडिशा से आने वाली ट्रेनों से गांजा भोपाल पहुंचता था। ट्रेन रात के समय भोपाल स्टेशन पर पहुंचती थी। इसकी तस्करी करने वाले बदमाश स्टेशन या उससे पहले निशातपुरा और छोला मंदिर के आसपास गांजे को फेंक देते थे। जब पुलिस ने उन पर निगरानी रखना शुरू किया तो तस्कर ट्रेन की बाथरूम में सिलिंग निकालकर उसमें गांजा रखकर लाने लगे। उसे भी क्राइम ब्रांच ने पकड़ा। बाद में पुलिस ओडिशा से गांजा लेकर आए पांच लोगों को गिरफ्तार किया। उसके बाद पूरी चेन को क्राइम ब्रांच ने ध्वस्त कर दिया था। अब इन गांजा तस्करों ने पुलिस से बचने के लिए नया तरीका निकाला है।

तस्‍करी का नया तरीका

गांजे की खेप अभी भी पहले ही तरह से दक्षिण भारत की तरफ से आ रही है। अब ट्रेन में गांजा आने के बाद छिंदवाड़ा, बैतूल और रायसेन में उतारा जा रहा था। जहां से दो पहिया वाहन से बीस- बीस किग्रा के पैकैट रखकर शहर में भेजे जा रहे। पिछले एक माह में ऐसे छह तस्‍करों को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया। उनसे गांजा तस्‍करी के इस नए तरीके की जानकारी मिली। हालांकि पुलिस ने भी इन आरोपितों को पकड़ने के लिए अपना मुखबिर तंत्र मजबूत कर लिया है। इसी का नतीजा है कि लगातार तस्‍करों की गिरफ्तारी हो रही है और बड़ी मात्रा में गांजा जब्‍त किया जा रहा है।

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