• मौत का आंकड़ा भी तीन दिनों से 10 से नीचे बना हुआ है

पिछले साल त्योहारों पर कोरोना का साया रहा है। लॉकडाउन के बाद भी प्रमुख त्योहारों में नए केस की संख्या लगातार बढ़ती गई। वहीं, मौत के आंकड़ों में भी इजाफा हुआ। लॉकडाउन खुलने पर अचानक नए केस बढ़ गए, लेकिन अब इनमें गिरावट दर्ज की जा रही है। यही कारण है कि साल के पहले त्योहार मकर संक्राति पर इसका साया कम हो सकता है। कारण है, बीते तीन दिनों से प्रदेश में आने वाले नए मामलों में कमी आई है। 10 जनवरी तक जहां नए केस 800 से ज्यादा आ रहे थे, वहीं अब यह 400 के करीब रह गए हैं। वहीं मौतों की बात करें, तो इसमें भी कमी आई है। अब हर दिन यह आंकड़ा 10 से भी कम हो गया है।

मध्य प्रदेश में तीन दिनों से कोरोना के नए केस आने की संख्या आधा रह गई है।
मध्य प्रदेश में तीन दिनों से कोरोना के नए केस आने की संख्या आधा रह गई है।

अनंत चतुर्दशी पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ा

लॉकडाउन के बाद पहला त्योहार 26 अप्रैल को अक्षय तृतीया रहा। इस दौरान कुल 145 नए केस आए और 4 लोगों ने दम तोड़ा। हालांकि यह कोरोना का शुरुआती दौर होने के कारण यह कम था, लेकिन इसके बाद हर त्योहार पर इनकी संख्या बढ़ती गई। 1 सितंबर अनंत चतुर्दशी को सबसे ज्यादा 1525 नए केस आए, जबकि 32 संक्रमितों को जान गंवाना पड़ा। हालांकि उसके बाद नए केस कम हुए, लेकिन दीपावली को यह एक बार फिर बढ़कर 1012 हो गए थे।

49 लाख से ज्यादा लोगों का टेस्ट हो चुका

अब तक मध्य प्रदेश में 49 लाख 74 हजार 209 लोगों की कोरोना की जांच हो चुकी है। इनमें से 2 लाख 50 हजार 9 लोगों में कोरोना पाया गया। इनमें से भी 2 लाख 38 हजार 983 ठीक हो चुके हैं, जबकि अभी सिर्फ 7 हजार 294 संक्रमितों का इलाज चल रहा है। कोरोना के कारण मध्य प्रदेश में कुल 3 हजार 732 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। प्रदेश भर में अभी भी 727 फीवर क्लीनिक संचालित हो रही हैं।

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