इंदौर. मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट (Indore Metro Project) का काम शुक्रवार से दोबारा शुरू हो गया. प्रोजेक्ट निर्माता कंपनी और जनरल कंसल्टेंट के बीच का विवाद सुलझने के बाद प्रोजेक्ट के तेजी से पूरा होने की उम्मीद है. मेट्रो प्रोजेक्ट का काम करीब 10 महीने से बंद पड़ा था. इसके ड्रॉइंग-डिजाइन को लेकर निर्माताओं के बीच सहमति नहीं बन पा रही थी.

मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर निर्माता कंपनी दिलीप बिल्डकॉन और जनरल कंसल्टेंट के बीच यह सहमति बनी है कि कंसल्टेंट कंपनी एक-एक कर सभी पेंडिंग 127 ड्रॉइंग को मंजूर करेगी. साथ ही, दोनों के बीच उलझे हुए मामलों को एक महीने के अंदर सुलझा लिया जाएगा.

एमपीएमआरसीएल के साथ हुई बैठक
गौरतलब है कि इस विवाद को सुलझाने के लिए मप्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) के अफसरों के साथ दोनों फर्मों के अधिकारियों ने भोपाल में लंबी बैठक कीं. जैसे ही सभी विवाद सुलझे, अफसरों ने दिलीप बिल्डकॉन को काम शुरू करने की हरी झंडी दे दी.

पूजा कर शुरू किया काम

शुक्रवार को कंपनी के अधिकारी एमआर-10 साइट पहुंचे और पूजा कर काम की शुरुआत की. जानकारी के मुताबिक पहले दौर में कंपनी बापट चौराहे के बीच काम पूरा करेगी. उसके बाद बापट चौराहे से रेडिसन चौराहा और आगे खजराना तक सर्वे, सॉइल टेस्ट के बचे हुए काम पूरे होंगे.

इस वजह से रुका हुआ था काम
गौरतलब है कि इसी साल मार्च-अप्रैल में दिलीप बिल्डकॉन और जनरल कंसल्टेंट के बीच विवाद हुए और काम रोक दिया गया. जनरल कंसल्टेंट ने 127 ड्रॉइंग-डिजाइन रोक दिए और सॉइल टेस्ट की रिपोर्ट निर्माता कंपनी को नहीं दी. इससे विवाद बढ़ गया.  इसके बाद सितंबर को निगमायुक्त प्रतिभा पाल ने दोनों कंपनियों को 9 सितंबर से प्रोजेक्ट फिर शुरू करने की बात कही, लेकिन विवाद होने की वजह से काम लटक गया.  15 सितंबर को फिर बैठक हुई, लेकिन बेनतीजा निकली. 18 सितंबर को दिलीप बिल्डकॉन ने कहा कि उसे मशीनें मोबिलाइज करने में 45 दिन लगेंगे, वह 2 नवंबर से काम शुरू कर देगी, लेकिन काम शुरू नहीं हुआ.

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