बैतूल। बैतूल जिले में मानव अधिकार और सामाजिक न्याय के नाम से एनजीओ का संचालन करने वाली 2 महिलाओं और एक पुरुष को ब्लैकमेल करने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस इनसे पूछताछ करने में जुटी हुई है, ताकि अन्य मामलों का भी पता चल सके। एसडीपीओ नितेश पटेल ने बताया कि गंज इलाके में रहने वाले राजेश यादव के परिजनों का मकान निर्माण को लेकर पड़ोसियों से विवाद हो गया था। इस मामले में मानव अधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग नाम के एनजीओ के सदस्यों ने राजेश को पुलिस प्रकरण दर्ज कराने की धमकी दी। इसके बदले में 50 हजार रुपये की मांग की गई। राजेश ने इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक सीमाला प्रसाद से की। पुलिस ने पड़ताल करने के बाद योजना बनाकर शनिवार रात शीतल, प्रिया और पृथ्वी को 10 हजार रुपये की राशि के साथ धर दबोचा।

पीड़ित राजेश ने बताया कि उसके माता- पिता को पड़ोस में रहने वाली महिला ने बताया कि गालियां दी। तैश में आकर राजेश ने भी गालियां दी, इसके बाद इस महिला ने पुलिस में शिकायत करने के बहाने युवक को डराया और 50 हजार रुपये देने के लिए ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। महिला के साथ तथाकथित एनजीओ की 2 महिला और एक पुरुष भी इस कृत्य में शामिल हो गए। जानकारी के मुताबिक 50 हजार की डिमांड पूरी करना युवक के बस में नहीं था। इस कारण उसने एसपी को शिकायत कर पूरे मामले से अवगत करा दिया। एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए टीम बना कर महिलाओं को रंगे हाथों दबोचने के रणनीति बनाई। जानकारी सामने आई है कि महिलाओं ने युवक से पहले 1 लाख रुपये की डिमांड की थी, लेकिन जब इतने पर बात नहीं बनी तो 50 हजार रुपये पर सौदा तय हुआ था।

एसपी के निर्दश पर बैतूल एसडीओपी नीतेश पटेल, गंज टीआई जयंत मर्सकोले, साईंखेड़ा टीआई रतनाकर हिंगवे ने प्री प्लान के मुताबिक सिटी बैंक वाली गली में पीड़ित राजेश को 10000 रुपये लेकर भेजा गया। इसके बाद महिलाओं के साथ जुड़े पृथ्वी ने जैसे ही 10000 रुपये की राशि राजेश से ली, पुलिस ने इनको रंगे हाथों दबोच लिया। युवक के बाद महिलाओं को घर से हिरासत में लेकर गंज थाने लाया गया है। पुलिस को जानकारी मिली है कि महिलाओं ने अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया है, जिसके सम्बंध में पूछताछ की जा रही है।

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