सीधी के किसान सम्मेलन में कांग्रेस नेता और विधान सभा के नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने जो कुछ कहा, उससे प्रदेश की भाजपा सरकार का असली चेहरा सामने आ गया। हजारों किसानों की मौजूदगी में उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि चित्रकूट चुनाव के साथ ही प्रदेश की जनता ने यह संकेत दे दिए हैं कि वह अब भाजपा नेताओं और उसकी सरकार के बहकावे में आने वाले नही हैं। बता दें कि श्री सिंह ने एक विशाल किसान सम्मेलन को सम्बोधित किया और भाजपा सरकार पर जमकर हमले बोले। उनके भाषण के दौरान हजारों किसानों ने जिस तन्मयता के साथ उनकी बात सुनी,उससे यह साफ हो गया कि वे जो कुछ कह रहे हैं वह सब उनके दिमाग से नही बल्कि दिल से निकल रहा था। उन्होंने कहा कि बलात्कार और किसानों की आत्म हत्या के मामले में प्रदेश का नम्बर वन बनना शर्म की बात तो है ही, ये त्रासदी भी है।

ये इसलिए भी चिंताजनक है, क्योंकि यहां आम आदमी की सुरक्षा तो दूर पुलिस वालों की बहिन बेटियां भी खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। कारण, भोपाल में हाल ही में एक छात्रा के साथ जो गैंगरेप की घटना सामने आई थी, वो और कोई नही बल्कि एक पुलिस कर्मी की बेटी थी। जब उसके साथ अंधेरा घिरने से पहले ज्यादती हो सकती है तो फिर सुरक्षा की बात बेमानी सी हो जाती है। यह तो कुछ भी नही, हद तो ये है कि छात्रा और उसके माता पिता को पुलिस में मामला दर्ज कराने के लिए जो मशक्कत करनी पड़ी वो दिल दहला देने वाली है। जीआरपी, हबीबगंज और एमपी नगर थाने इस बात पर बहस में उलझे रहे कि मामला किसके क्षेत्र का है। और थाने में बैठे वरिष्ठ अधिकारी पीडि़ता का दर्द समझने की बजाय उसका मजाक बनाते रहे। यह सब तब हुआ जब पीडि़ता एक पुलिस कर्मी की बेटी थी।

आसानी से समझा जा सकता है कि यदि पीडि़ता किसी गरीब गुरबे की बहिन बेटी होती तो उसका क्या हाल होने वाला था। जैसा कि अजय सिंह ने किसान सम्मेलन में कहा, जब ये सब तीन थानों के बीच धींगामस्ती चल रही थी तब प्रदेश के मुख्य मंत्री स्थापना दिवस मनाने में मशगूल थे और ये दावा कर रहे थे कि मध्य प्रदेश भांजियों के लिए पूर्णत: सुरक्षित हो चुका है। दर असल भोपाल की सीमा में घटा ये गैंगरेप तो जानकारी में भी इसलिए आया, क्योंकि ये तत्काल ही मीडिया की जानकारी में आ गया और सरकार के कान खड़े हुए। जबकि ऐसे अपराधों की संख्या पुलिस रोजनामचों में दर्ज मामलों से ज्यादा है जो या तो मान मर्यादाओं के नाम पर दबा दिये जाते हैं या फिर पुलिस द्वारा दर्ज ही नही किए जाते हैं। नेता प्रतिपक्ष ने यह भी सटीक कहा कि प्रदेश की वर्तमान सरकार खुद को किसानों की हितैषी तो कहती है लेकिन उनके भले के लिए कोई निर्णायक कदम नही उठाती।

यही वजह है कि आए दिन किसान कर्ज की वजह से, फसल बर्बाद हो जाने पर, फसल बीमा की राशि नही मिलने पर, फसल के भाव सही नही मिलने पर अथवा खाद बीज की उपलब्धता नही होने पर आत्म हत्या करने को विवश हो रहे हैं। उस पर तुर्रा ये कि सरकार बड़ी ही बेशर्मी के साथ खुद को किसानों का मसीहा बताते नही अघा रही।

उदाहरण के लिए आजकल सरकार द्वारा भावांतर का ढोल पीटा जा रहा है। लेकिन हकीकत ये है कि किसान को उसकी फसल का उतना दाम भी नही मिल पा रहा है, जिसमें से वह खाद बीज सिंचाई और बिजली आदि की लागत भी निकाल सके। उसके वश में अब जैसे सिर्फ आत्म हत्या करना भर रह गया है।

इस नजरिये से अजय सिंह की यह बात सही प्रतीत होती है कि जब किसान मर रहे हों और खुद को उनका रहनुमा बताने वाले मुख्य मंत्री उस वक्त अमेरिका केे दौरे पर रह कर वहां की सडक़ों को मध्य प्रदेश की गड्ढेनुमा सडक़ों की अपेक्षा दोयम दर्जे की बता रहे हों तो आसानी से समझ में आ जाता है कि वे किसानो के कितने शुभ चिंतक हैँ और उन्हें प्रदेश के विकास कार्यों की कितनी समझ है। यह सब इसलिए भी उल्लेखनीय है कि हाल ही में सम्पन्न हुए चित्रकूट के उप चुनाव में भाजपा सरकार नें थोड़ी बहुत नही पूरे 1700 करोड़ रूपयों के विकास कार्यों की घोषणाएं कीं, हजारों लोगों के नाम बीपीएल सूची में जोड़े गए। लेकिन अब सच्चाई ये है कि जहां कुछ दिनों पहले ही पूरी की पूरी सरकार आम आदमी के आस पास चाकरों की तरह घूम रही थी, अब उसी चित्रकूट से सरकार का और भाजपा नेताओं का दूर दूर तक अता पता तक नही है।

कारण साफ है अब मजमा कोलारस और मुंगावली में लगाया जाना है ताकि अब वहां के भोले भाले मतदाताओं को भरमाया जा सके। लेकिन अजय सिंह के इस दावे को भी खारिज नही किया जा सकता कि चित्रकूट के चुनाव परिणाम ने यह साफ कर दिया है कि अब मतदाता जागरूक हो चुका है। वो आगाामी चुनावों में भी खोखले वादे करने वाली भाजपा और उसकी सरकार को मजा चखाने वाली है अब देखना ये है कि सत्ता के मद में चूर भाजपा नेता, विधायक, मंत्री और मुख्य मंत्री अपनी कार्यप्रणाली को जनहित में बदलती है, या फिर उसे चुनावों में मुंह की खाना ही रास आता है

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here