देश के अलग-अलग राज्यों में वैक्सीनेशन का ड्राई रन भी हुआ है, ऐसे में तैयारी पूरी है और जल्द ही देश में वैक्सीन लगाने का काम शुरू हो जाएगा. लेकिन अभी भी वैक्सीनेशन को लेकर कुछ ऐसे सवाल हैं जो आशंका पैदा करते हैं और जिनका जवाब हर किसी को जानना जरूरी है

नए साल के आते ही भारत को कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई के मोर्चे पर जबरदस्त सफलता मिली है. सरकार की ओर से भारत बायोटेक की कोवैक्सीन और सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड को मंजूरी मिल गई है. देश के अलग-अलग राज्यों में वैक्सीनेशन का ड्राई रन भी हुआ है, ऐसे में तैयारी पूरी है और जल्द ही देश में वैक्सीन लगाने का काम शुरू हो जाएगा. लेकिन अभी भी वैक्सीनेशन को लेकर कुछ ऐसे सवाल हैं जो आशंका पैदा करते हैं और जिनका जवाब हर किसी को जानना जरूरी है. इन्हीं सवालों पर एक्सपर्ट और सरकार का डेटा क्या कहता है, ज़रा नज़र डालिए…

1.    भारत में किन वैक्सीन को अबतक मंजूरी मिल गई है?
देश में अबतक दो वैक्सीन को मंजूरी मिली है, दोनों ही वैक्सीन भारत में ही मैन्युफैक्चर की गई हैं. इसमें सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोविशील्ड जो ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की सहायता से बनी है और दूसरी भारत बायोटैक की कोवैक्सीन.

2.    भारत में वैक्सीन लगाने का काम कब से शुरू होगा?
देश में दो वैक्सीन को मंजूरी मिल चुकी है, ड्राई रन भी हो गया है. ऐसे में सबकुछ तैयार है, अगले एक या दो हफ्ते के भीतर देशव्यापी वैक्सीनेशन का काम शुरू हो सकता है.

3.    सबसे पहले वैक्सीन का टीका किसे लगाया जाएगा?
भारत सरकार ने वैक्सीनेशन को लेकर एक कमेटी बनाई थी, जिसने इसपर डिटेल से काम किया. इसी की सिफारिश के आधार पर सरकार ने शुरुआत में 30 करोड़ लोगों को प्राथमिक सूची में रखा है. इनमें भी सबसे पहले हेल्थवर्कर, सुरक्षाकर्मी, अन्य कोरोना वॉरियर्स, 50 वर्ष से अधिक उम्र और गंभीर बीमारी वाले लोग शामिल हैं.

4.    क्या वैक्सीन का टीका मेरे घर पर ही लगाया जाएगा?
नहीं, सरकार ने अभी ड्राई रन में जिस नीति को अपनाया है उसके अनुसार जिलों, कस्बों, गावों में मौजूद सरकारी अस्पतालों या अन्य स्थानों पर सेंटर्स बनाए जा रहे हैं. जहां पर नियमित रूप से जानकारी देकर कोरोना वैक्सीन का टीका लगाया जाएगा. यानी सेंटर पर जाकर ही टीका लगवाना होगा.

5.    मेरा नंबर कब आएगा, कैसे पता चलेगा?
भारत सरकार ने को-विन मोबाइल एप्लीकेशन बनाई है जो वैक्सीनेशन शुरू होने पर मौजूद होगी. इसके अलावा जिस व्यक्ति को वैक्सीन का डोज दिया जाएगा, उसे पहले ही फोन पर मैसेज आ जाएगा. यानी अगर आपको वैक्सीन का डोज मिलना है तो आपके फोन पर तारीख, वक्त और जगह की जानकारी खुद ही आएगी.

6.    अगर मैं वैक्सीन ना लगवाना चाहूं तो?
वैक्सीन लगवानी है या नहीं, ये किसी भी व्यक्ति की इच्छा पर निर्भर है. यानी किसी के साथ जबरदस्ती नहीं की जा सकती है. हालांकि, कोरोना का संकट जिस तरह से बरकरार है ऐसे में एक्सपर्ट भी वैक्सीन के शॉट लेने की सलाह दे रहे हैं.

7.    वैक्सीन के लिए किसी रजिस्ट्रेशन की जरूरत है?
जिन लोगों को शुरुआती चरणों में वैक्सीन मिल रही है, उनकी लिस्ट जारी की जाएगी. जिसके आधार पर सभी को अपना रजिस्ट्रेशन करवाना होगा. इसके लिए आपके पास पहले ही फोन पर मैसेज आ जाएगा.

8.    रजिस्ट्रेशन के लिए किन कागजों की जरूरत है?
ड्राइविंग लाइसेंस/वोटर आईडी कार्ड/पैन कार्ड/आधार कार्ड/पासपोर्ट, बैंक खाते की पासबुक, मनरेगा कार्ड, स्वास्थ्य मंत्रालय का हेल्थ आईडी कार्ड में से किसी भी डॉक्यूमेंट की सहायता से रजिस्ट्रेशन करवाया जा सकता है.

9.    अगर रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ और फोटो आईडी जैसे डॉक्यूमेंट नहीं हैं, तो वैक्सीन लगेगी?
वैक्सीन का डोज लगवाने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी है. और उसके लिए सेंटर पर जाकर आपको अपने जरूरी कागज दिखाने होंगे, उसके आधार पर ही आपको वैक्सीन दी जाएगी.

10.    क्या वैक्सीन लगवाने के लिए पैसे देने होंगे?
भारत में वैक्सीन मुफ्त मिलेगी या फिर नहीं, अभी इसकी तस्वीर साफ नहीं है. बीते दिनों स्वास्थ्य मंत्री का बयान था कि पूरे देश में वैक्सीन मुफ्त मिलेगी, फिर बाद में उन्होंने कहा कि शुरुआती चरण में स्वास्थ्यकर्मियों को ये मुफ्त दी जाएगी. इसके अलावा अलग-अलग राज्य सरकारें अपने हिसाब से नियम तय कर रही हैं. ऐसे में वैक्सीन मुफ्त होगी या नहीं, अभी इसपर देशव्यापी फैसला नहीं है.

11.    वैक्सीन की कितनी डोज दी जाएंगी और कितना अंतर रहेगा?
भारत में वैक्सीन की कुल दो डोज दी जानी हैं. पहली और दूसरी डोज के बीच कुल 28 दिनों का अंतर रहेगा. यानी आपको दो बार वैक्सीन सेंटर पर जाना होगा.

12.    क्या वैक्सीन की दोनों डोज़ लगवाना जरूरी है?
वैज्ञानिकों का कहना है कि सभी को वैक्सीन की पूरी डोज लेनी चाहिए. ऐसे में अगर आप पहला डोज़ लगवाते हैं, तो दूसरा भी लगवाना चाहिए. ताकि कोरोना के खिलाफ इलाज पूरा हो और इम्युनिटी बन सके.

13.    दोनों डोज़ लगवाने के कितने दिन बाद एंटीबॉडी बनेंगी?
एंटीबॉडी बनने के बाद ही कोरोना से लड़ाई मजबूत होती है. लेकिन ये शरीर में कोरोना वैक्सीन के दोनों डोज़ मिलने के कुछ दिनों बाद ही मिलती है.

14.    वैक्सीन के डोज़ लगवाने के बाद भी सतर्कता बरतनी होगी?
हां, ये बिल्कुल ज़रूरी है. पहली डोज और दूसरी डोज के अंतर के दौरान आपको सतर्क रहना होगा और अभी तक जिन कोरोना गाइडलाइन्स का पालन कर रहे हैं उसे ही मानना होगा. अगर लापरवाही बरती गई, तो वैक्सीन का असर कम ही होगा. ऐसे में मास्क, दो गज दूरी और बार-बार हाथ धोना तब भी जरूरी ही होगा.

15.    वैक्सीन लगवाने के तुरंत बाद क्या करना चाहिए?
अगर आपने वैक्सीन सेंटर पर डोज़ लिया है, तो कुछ देर तक आपको वहीं पर आराम करना चाहिए. करीब आधा घंटा आप वहां ही आराम करें, इस दौरान आपको कोई दिक्कत आती है तो तुरंत डॉक्टर या वहां मौजूद अधिकारी से संपर्क करें.

16.    भारत में बनी वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स होंगे?
सरकार का कहना है कि तमाम नियमों का पालन करने के बाद ही वैक्सीन को मंजूरी दी गई है. सतर्कता पूरी तरह बरती गई है, इसके बाद भी हर वैक्सीन से जुड़े कुछ साइड इफेक्ट्स होते हैं. सभी राज्यों से इसको लेकर तैयारी बरतने को कहा गया है.

17.    क्या वैक्सीन लगवाने के बाद कोरोना वायरस नहीं होगा?
ऐसा बिल्कुल नहीं है कि वैक्सीन लगने के बाद आप पूरी तरह सुरक्षित हो जाएंगे. हालांकि, वैक्सीन आपको काफी हद तक प्रोटक्शन देगी. लेकिन फिर भी आपको पूरी तरह सतर्क रहना होगा. कोविड गाइडलाइन्स का पालन करना होगा ताकि आप खुद को सुरक्षित रख सकें. मास्क, दो गज दूरी और हाथ धोना लगातार करना चाहिए.

18.    क्या स्वास्थ्यकर्मी, कोरोना वॉरियर्स के परिवारवालों को भी शुरुआती चरण में वैक्सीन मिलेगी?
सरकार ने शुरुआती चरण में स्वास्थ्यकर्मी, कोविड वॉरियर्स और कुछ अन्य को वैक्सीन देने की लिस्ट बनाई है. ऐसे में उनके परिवारवालों को अभी ये वैक्सीन नहीं दी जाएगी. अन्य लोगों का नंबर तभी आएगा, जब सरकार आगे की रणनीति पर काम करेगी.

19.    खुले बाजार में वैक्सीन मिलना कब से शुरू होगा?
अभी वैक्सीन को आपात इस्तेमाल के लिए मंजूरी मिली है. इसका मतलब ये अभी बाजार में नहीं बिक पाएंगी. जब वैक्सीन का काम शुरू होगा, उसके बाद ड्रग रेगुलेटर की ओर से हर हफ्ते डेटा निकाला जाएगा जिसके आधार पर आगे की तैयारी होगी.

20.    भारत की वैक्सीन फाइज़र या मॉर्डना से बेहतर क्यों?
भारत में वैक्सीनेशन से जुड़ा काम पिछले 16 साल से चल रहा है, ऐसे में वैक्सीनेशन में भारत जैसे देश को कोई दिक्कत नहीं आएगी. साथ ही देश में जो वैक्सीन बनाई गई हैं, उन्हें सामान्य हालातों में रख सकते हैं. ऐसे में भारत के तापमान के अनुसार ये काफी बेहतर हैं, जो किसी भी हिस्से में कारगर साबित होगी.

21.    क्या भारत में दूसरी और वैक्सीन भी लगाई जाएंगी?
देश में अभी भारत बायोटेक की कोवैक्सीन, सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड को मंजूरी मिली है. इसके अलावा कई अन्य वैक्सीन अपने अंतिम ट्रायल में हैं, जिनमें रूसी वैक्सीन, मॉर्डना, फाइजर जैसी वैक्सीन शामिल हैं. ऐसे में इनका ट्रायल पूरा होने के बाद ही इन्हें मंजूरी मिल सकती है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here